आगरा: खेरागढ़ और बाह सीएचसी पर बनेंगे ब्लड बैंक, ईलाज़ के लिए नहीं भागना होगा शहर

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आगरा। खून की कमी से सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं को जूझना पड़ता है। शहर की अपेक्षा देहात में यह परेशानी गंभीर रूप ले चुकी है। खून की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए शहर आना पड़ता है जिसके चलते कई बार जान पर बन आती है। देहात क्षेत्र में खून की कमी के संकट को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बाह और खेरागढ़ सीएचसी पर ब्लड बैंक बनाने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए खेरागढ़ में दो और बाह में एक ब्लड बैंक बनाने की अनुमति दे दी है।

ब्लड बैंक के लिए यह आए निर्देश –

सीएचसी पर बनने वाली ब्लड बैंक के लिए एक कक्ष में लैब स्लैब, जल के लिए टैप, जल निकासी की व्यवस्था, छह पॉवर इलेक्ट्रिक शाँकिट युक्त कमरे की जरूरत होगी। रक्त भंडारण केंद्र को चलाने के लिए चिकित्सा इकाई पर कार्यरत एक चिकित्सा अधिकारी व एक लैब टेक्निशियन नामित किया जाएगा। ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, एक टेब टॉप, सेन्ट्रीफ्यूज, माइक्रोस्कोप, एक ब्लड कलेक्टशन एवं ट्रांसपोर्टेशन बॉक्स की जरूरत भी पड़ेगी। लैब टेक्निशियन को जनपद राजकीय रक्त कोष से ट्रेनिंग भी लेना पड़ेगी।

बाह और खैरागढ़ सीएचसी पर बनेगी ब्लड बैंक

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. यूके त्रिपाठी ने बताया कि जिले के छह प्रथम संदर्भन इकाई में से दो खेरागढ़ और बाह सीएचसी में ब्लड बैंक की स्थापना होने जा रही है। इसके बाद गर्भवती महिलाओं और मरीजों को काफी सहूलियत होगी। सही समय पर ब्लड की व्यवस्था होने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी

आगरा डा. आर.सी. पांडेय ने बताया कि जिले की दो सीएचसी पर ब्लड बैंक बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक महोदय द्वारा निर्देश दिए हैं। ब्लड बैंक बनाने के लिए उपकरणों और मशीनों की व्वस्था की जाएगी। इसके बाद सी.एच.सी. पर ब्लड मिलने से गर्भवती व अन्य किसी की जिंदगी को बचाया जा सकेगा।

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