आगरा को क्या मिला सिर्फ झुनझुना! पर्यावरणविदों ने ‘झुनझुना दिवस’ मनाकर भाजपा सरकार को याद दिलाये वादे

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आगरा: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी के साथ में वायरल हो रहा है। यह वीडियो पर्यावरणविदों का है जो यमुना आरती स्थल पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों और खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान आगरा के लिए जो घोषणा की थी, उन घोषणाओं के पूरा न होने पर झुनझुना दिवस मनाया। पर्यावरणविदों व संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की यमुना बैराज, एयरपोर्ट, इंटरनेशनल स्टेडियम और हाईकोर्ट खंड पीठ की मांग को लेकर यमुना आरती स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। झुनझुना बजाते हुए कहा कि ‘आगरा को इन सभी के नाम पर क्या मिला सिर्फ झुनझुना’

पर्यावरणविद और रिवर कनेक्शन कैंपेन के पदाधिकारी ने यमुना आरती स्थल पर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि आगरा में कालिंदी दम तोड़ रही है। ऐसे में अब उत्तराखंड पर एक और नया बैराज बनाया जा रहा है तो आगरा की जनता को कहां से पानी मिलेगा। यहां लगातार बैराज बनाने की मांग की जा रही है लेकिन बैराज के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है लेकिन बैराज नहीं। ऐसा ही कुछ हाल आगरा के अधिवक्ताओं का भी है। अधिवक्ता आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग कर रहे हैं लेकिन उस मांग पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। एयरपोर्ट के नाम पर सिर्फ जमीन अधिग्रहण का माहौल बनाया हुआ है लेकिन एयरपोर्ट बनता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है और इंटरनेशनल स्टेडियम की मांग का हाल तो सभी को मालूम है। इसलिए यमुना भक्तों ने पांच मिनट तक झुनझुना बजाकर अपना विरोध जताया है और भाजपा को अपने वायदों का याद दिलाने का प्रयास किया जा रहा।

रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने बताया कि आगरा में भाजपा को नौ विधायक दिए, दो सांसद और मेयर भी भाजपा के हैं। अन्य शहरों को भाजपा के शासन काल में बहुत कुछ मिला, लेकिन आगरा को सिर्फ झुनझुना मिला। आगरा के पर्यावरणविद देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि उत्तराखंड में यमुना पर बैराज बनाया जाएगा। पहले ही आगरा में यमुना मैली है। यमुना प्रदूषित है। आगरा में बैराज समेत कई और मांग लगातार की जा रही हैं। आगरा की जनता को सरकार की ओर से झुनझुने के अलावा कुछ नहीं मिला। इसलिए हमने झुनझुना दिवस मनाया

पंडित जुगल किशोर ने कहा कि झुनझुना दिवस को यादगार बनाने के लिए एत्माद्दौला व्यू प्वाइंट पर सफाई अभियान चला गया। विसर्जित मूर्तियों को सम्मान के साथ सही स्थान पर पहुंचाया गया। इस काम में रिवर कनेक्शन कैंपन के एक्टिविस्ट्स ने भाग लिया है।

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