अमेरिका को बुलेट की आपूर्ति करेगा देश का सबसे पुराना रक्षा प्रतिष्ठान OFB

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नई द‍िल्ली। देश के सबसे पुराने रक्षा प्रतिष्ठान OFB को अमेरिका से बुलेट की आपूर्ति का एक और आर्डर मिला है, अब अमेरिका को 5.56गुणा45 एमएम नाटो एमआइ93 बॉल बुलेट का निर्यात करना है। अमेरिका के लिए ‘नाटो एम-193 बॉल-एम्युनिशेन’ यानि कारतूस महाराष्ट्र स्थित प्लांट में तैयार किए जा रहे हैं।

ओएफबी के उपमहानिदेशक गगन चतुर्वेदी ने सोमवार को बताया कि इन बुलेट का निर्माण महाराष्ट्र के वारनगांव स्थित आयुध फैक्ट्री में ही होगा। इन बुलेट की आपूर्ति इसी वित्तीय वर्ष में की जानी है। उन्होंने बताया कि यह आयुध कंपनी समय-समय पर विदेश में गोला-बारूद और बुलेट की समयबद्ध तरीके से आपूर्ति करती रही है। ब्रिटिशकाल में भारत में करीब 18 आयुध फैक्ट्री स्थापित की गई थीं। मौजूदा समय में ओएफबी की 41 फैक्ट्री, 13 डेवलपमेंट सेंटर और नौ प्रशिक्षण संस्थान हैं।

सरकार ओएफबी का निगमीकरण करना चाहती है। वह ऐसा करके वर्ष 2024-25 तक सालाना 30 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर करना चाहती है। जबकि ओएफबी का मौजूदा टर्नओवर 12 हजार करोड़ रुपये ही है।

हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने OFB को सेना से जुड़े मिले सभी ऑर्डर को जल्द मुहैया करना को कहा था। वहीं, OFB के निगमीकरण को लेकर काफी विवाद है। रक्षा उत्पादन विभाग के तहत काम करने वाले इस बोर्ड का निगमीकरण केंद्र सरकार इसलिए करना चाहती है कि यहां निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। वहीं, बोर्ड के कर्मचारी नेताओं का मानना है कि सरकार का यह कदम निजीकरण के लिए है। इसी के चलते वह इसका विरोध कर रहे हैं।

OFB की स्थापना 1979 में की गई थी। इसके तहत फिलहाल 41 फैक्ट्रियां हैं और इनमें करीब 80 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। यहां से सेना को गोलाबारूद से लेकर वर्दी और जूते तक की सप्लाई की जाती है, लेकिन बीतते वक्त के साथ इनकी गुणवत्ता गिरती गई और इससे कई जवानों की जान भी चली गई।

गोलाबारूद के निर्माण पर आने वाली लागत की बात करें तो यह आयातित गोलाबारूद के मुकाबले काफी अधिक होती है। इससे रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है। इसे देखते हुए सरकार ने इसके पुनर्गठन के लिए कई कमेटियां बनाईं।

– एजेंसी

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