वर्ल्‍ड कप में विवाद के बाद ICC ने बदला सुपर ओवर का नियम

Updated 15 Oct 2019

नई दिल्‍ली। ICC वर्ल्ड कप 2019 में सुपर ओवर को लेकर हुए विवाद के बाद ICC ने नियम में बदलाव का ऐलान किया।
नए नियम के मुताबिक अगर सेमीफाइनल या फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के रन बराबर होते हैं तो फिर सुपर ओवर होगा। यह सुपर ओवर तब तक चलता रहेगा, जब तक कोई टीम ज्यादा रन बनाकर विजेता नहीं बन जाती।
ICC की बैठक में यह फैसला किया गया है। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि स्पष्ट तरीक से परिणाम निकल जाए और विवाद की गुंजाइश न रहे।
क्या है सुपर ओवर?
सुपर ओवर वनडे और टी-20 क्रिकेट में मैच टाई होने के बाद खेला जाता है जिसमें दोनों टीमें एक-एक अतिरिक्त ओवर खेलती हैं। ज्यादा रन बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। इसमें जो टीम बाद में बल्लेबाजी करती है, उसे सुपर ओवर में पहले बैटिंग का मौका दिया जाता है। बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी बॉलिंग नहीं कर सकता है। इसके नियमों में यह भी है कि अगर सुपर ओवर में भी टाई हो जाता है तो पारी में ज्यादा चौके के आधार पर टीम को विजयी घोषित किया जाता है। हालांकि 2010 से पहले जीत के लिए सिक्स गिने जाते थे और ज्यादा सिक्स लगाने वाली टीम विजयी होती थी।
वर्ल्ड कप में विवाद
वर्ल्ड कप 2019 में इंग्लैंड और न्यू जीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला चल रहा था। न्यू जीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 241 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड ने भी 241 रन बनाकर बराबरी कर ली। फिर सुपर ओवर की बारी आई। इसमें भी दोनों टीमों ने 15-15 रन बनाए और मैच फिर टाई हो गया। अब ज्यादा चौके लगाने के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया गया। न्यू जीलैंड ने 17 और इंग्लैंड ने 26 चौके लगाए थे। इस नियम के कारण आईसीसी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। न्यू जीलैंड अपने प्रदर्शन से लोगों का दिल भी जीत चुकी थी।
टी-20 में भी लागू होगा नया नियम
नए नियम के मुताबिक ग्रुप या लीग मैच में अगर मैच टाई होता है तो उसे टाई ही मान लिया जाएगा। अगर फाइनल या सेमीफाइनल में मैच टाई होगा तभी सुपर ओवर कराया जाएगा। टी-20 विश्व कप के मैचों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। ICC के बयान में कहा गया कि इस मामले में क्रिकेट समिति और सीईसी दोनों सहमत थे और क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
सुपर ओवर से पहले होता था ‘बॉल आउट’
सुपर योवर की शुरुआत 2008 से टी-20 क्रिकेट में हुई थी। 2011 में इसे वनडे में भी शामिल कर लिया गया। इससे पहले निर्णय के लिए ‘बॉल आउट’ का इस्तेमाल किया जाता था। ‘बॉल आउट’ में दोनों टीमों के पांच खिलाड़ी बोलिंग करते थे और तीन में से कोई भी स्टंप गिराने की कोशिश करते थे। जो टीम ज्यादा स्टंप गिरा पाती थी उसे विजता घोषित किया जाता था। अगर दोनों टीमों के खिलाड़ी बराबर स्टंप गिरा लें तो यह खेल तब तक चलता था जब तक फैसला न हो जाए।
भारत-पाकिस्तान के मैच में जब हुआ ‘बॉल आउट’
‘बॉल आउट’ का नाम आते ही भारत और पाकिस्तान के उस रोमांचक मैच की याद ताजा हो जाती है जिसने दर्शकों की सांसें रोक दी थीं। 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप के 10वें मैच में भारत ने 141 रनों का लक्ष्य दिया। पाकिस्तान ने भी 141 रन बनाकर बराबरी कर ली। अब शुरू हुआ बॉल आउट। पहली बॉल पाकिस्तान के यासिर ने फेंकी और उनका निशाना चूक गया। भारत की तरफ से पहले सहवाग ने स्टंप गिराया और भारत 1-0 से आगे हो गया। इसके बाद हरभजन का निशाना भी कामयाब रहा। पाकिस्तान ने उमर गुल और अफरीदी ने विकेट मिस कर दिया और उथप्पा ने भी स्टंप गिराकर भारत को 3-0 से विजय दिलाई।
IPL में आठ बार हुआ सुपर ओवर
आईपीएल में ज्यादा मुकाबले होते हैं और अकसर सुपर ओवर की नौबत आ जाती है। अब तक आईपीएल में 8 बार सुपर ओवर हुआ है। पहली बार राजस्थान और कोलकाता के बीच 2009 में सुपर ओवर हुआ जिसमें राजस्थान ने जीत दर्ज की। आईपीएल 2019 में भी फिरोज शाह कोटला मैदान में दिल्ली और कोलकाता के मैच में सुपर ओवर हुआ। इसमें दिल्ली ने कोलकाता को तीन रन से हरा दिया।
-एजेंसियांं



Free website hit counter