पंचायत चुनाव में हिस्सा लेगी नेशनल कॉन्फ्रेंस, फारूक और उमर को रिहा करने की मांग

Updated 17 Feb 2020

श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 5 मार्च से शुरू होने वाले पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने का फैसला किया है। पार्टी के केंद्रीय सचिव रतन लाल गुप्ता ने जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र कुमार को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। पत्र में कहा गया है कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की समर्थक है। हम राज्य में 8 चरणों में 11 हजार सीटों के लिए होने वाला पंचायत चुनाव लड़ना चाहते हैं। पार्टी ने कहा कि इससे पहले राज्य में लगे प्रतिबंध हटाए जाएं। हमारी मांग है कि नजरबंद रखे गए पार्टी नेताओं को रिहा किया जाए, जिससे पार्टी आजादी से चुनाव प्रचार कर सके।
जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद 1000 से ज्यादा नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इनमें से कुछ नेता चरणबद्ध तरीके से रिहा किए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता अभी भी नजरबंद हैं।
“हिरासत में पार्टी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, ऐसे में चुनाव कैसे लड़ेंगे?”
चिट्‌ठी में गुप्ता ने कहा है कि पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और महासचिव अली मोहम्मद सगर नजरबंद हैं। इन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आयोग से सलाह मांगी है कि ऐसी स्थिति में पार्टी चुनाव में कैसे हिस्सा लेगी। अगर लक्ष्य यह है कि भाजपा को छोड़कर कोई भी चुनाव में हिस्सा न ले, तो ज्यादा कहने की जरूरत नहीं। अगर ऐसा नहीं है तो चुनाव कराने की प्रक्रिया में नियमों का भारी उल्लंघन है।
जम्मू-कश्मीर में पिछला पंचायत चुनाव 2018 में हुआ था
जम्मू-कश्मीर में पिछली बार पंचायत चुनाव दिसंबर 2018 में हुए थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत और पीडीपी समेत कुछ अन्य पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। उस समय जम्मू-कश्मीर में वोटर टर्नआउट 83.5% रहा था। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार चुनाव कराने की घोषणा की गई है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, इस बार जम्मू में 4 चरणों में और कश्मीर में 8 चरणों में 5 मार्च से 20 मार्च तक चुनाव होगा।
-एजेंसियां



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