जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी रिहा किए गए

Updated 25 Mar 2020

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्मीर प्रशासन ने पिछले साढ़ सात महीने से हिरासत में चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया है.
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के अनुसार कोरोना वायरस के बढ़ते ख़तरे और स्वास्थ्य चिंताओं को देखते हुए उन्हें रिहा किया जा रहा है.
उनकी रिहाई की पुष्टि करते हुए आधिकारिक प्रवक्ता रोहित कंसल ने ट्वीट किया है कि पब्लिक सेफ़्टी एक्ट के अंतर्गत उन्हें हिरासत में रखा गया था, वो ख़त्म किया जा रहा है.
हालांकि ज़िलाधिकारी दफ़्तर के अधिकारियों ने कहा है कि अभी उन तक आदेश नहीं पहुँचा है.
अधिकारियों का कहना है, ”अभी क़ाग़ज़ी काम आख़़िरी दौर में है और वे आज किसी भी समय अपने घर पहुँच जाएँगे.”
उमर अब्दुल्ला के पिता और तीन बार कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे फ़ारूख़ अब्दुल्ला को पिछले सप्ताह ही रिहा कर दिया गया था.
ज़्यादातर लोग रिहा
उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखने वाले आदेश में लोगों को इकट्ठा करने की उनकी क्षमता के कारण उन्हें जनजीवन के लिए ख़तरा बताया गया था.
पिछले साल पाँच अगस्त को कश्मीर की आंशिक स्वायत्ता वाले अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के पहले हज़ारों की संख्या में कश्मीरियों को हिरासत में लिया गया था.
भारतीय गृह मंत्रालय के मुताबिक़ इनमें से ज़्यादातर लोगों को रिहा किया जा चुका है.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला पर पीएसए लगाने की कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती भी दी गई थी. उमर को 5 अगस्त को ऐहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया था, जिसकी मियाद 2 फरवरी को खत्म हुई थी. इस अवधि के खत्म होने के पहले ही उमर पर पीएसए के तहत कार्यवाही की गई थी, जिसे उनकी बहन सारा पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था.
सरकार ने दी थी यह दलील
उमर अब्दुल्ला पर पीएसए लगाने के वक्त सरकार ने कहा था कि वह जनता के बीच काफी प्रभावी हैं. सरकार ने कहा था कि उमर अपने प्रभाव के कारण जनता की ऊर्जा का किसी भी रूप में प्रयोग कर सकते हैं, ऐसे में उन पर पीएसए लगाना जरूरी है.
-एजेंसियां



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