21 दिनों के लॉकडाउन की कांग्रेस लीडर चिदंबरम ने सराहना की

Updated 25 Mar 2020

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देश में किए गए 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा पर जहां कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ नेता सवाल उठा रहे हैं, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता औ पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम इसकी सराहना की है।
इतना ही नहीं, चिंदबरम ने देशवासियों से अपील की है कि इस मुश्किल वक्त में वे प्रधानमंत्री को कमांडर समझें और पैदल सैनिक की तरह उनकी कही बातों का अच्छे से अनुसरण करते हुए कोरोना वायरस का मजबूती से सामना करें।
इस मुश्किल वक्त में गरीबों, किसानों और मजदूरों के बैंक खातों में पैसा डालने के लिए चिदंबरम ने 10-सूत्रीय योजना का सुझाव भी दिया है। साथ ही 1 अप्रैल से 30 जून, 2020 तक सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में 5 प्रतिशत की कटौती की मांग भी की है।
चिदंबरम की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन कोविड 19 के खिलाफ जंग में एक ऐतिहासिक कदम है। 24 मार्च से पहले की बहस को हमें पीछे छोड़कर देशव्यापी लॉकडाउन को एक नई लड़ाई की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए, जिसमें प्रधानमंत्री कमांडर हैं और जनता पैदल सैनिक।’
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री, केंद्र और राज्य सरकारों को अपना पूरा समर्थन देना चाहिए और अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। हालांकि चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी विचार है, पार्टी का इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक अभूतपूर्व कठोर कदम उठाते हुए देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कहा कि इस अवधि के दौरान सभी सड़क, रेल और हवाई सेवाएं निलंबित रहेंगी। चिदंबरम ने लोगों से घर पर रहने का आग्रह करते हुए कहा, ‘STAYHOMEINDIA (घरमें रहें भारतवासी) एक महान रैली है।’
केंद्र सरकार को दिए अपने सुझावों में चिदंबरम ने लोगों के वेतन और नौकरी को सुरक्षित बनाने का अनुरोध किया है। सुझाव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना के तहत मिलने वाली वित्‍तीय मदद को छह हजार से बढ़ाकर दोगुना 12,000 रुपए कर देना चाहिए। यह रकम तत्काल लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर करना चाहिए। इसके अलावा बटाईदार किसानों को भी इस योजना का लाभ देते हुए 12,000 रुपए देने की मांग की है।
-एजेंसियां



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