कोकीन टिप्पणी: सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ जयपुर में 20 याचिकाएं और 39 FIR

Updated 10 Jul 2019

जयपुर। राहुल गांधी के खिलाफ कोकीन टिप्पणी को लेकर राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी चौतरफा घिर गए हैं। उनके खिलाफ राजस्थान में 20 याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं के बाद मंगलवार को विभिन्न पुलिस स्टेशनों में सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ 39 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। ये एफआईआर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई हैं।
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख सुशील शर्मा ने भी यहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की।
बयान के लिए माफी मांगें स्वामी 
सुब्रमण्यम स्वामी ने कथित रूप से राहुल पर नशीले पदार्थ लेने का आरोप लगाया था। इसके बाद से कांग्रेस कार्यकर्ता उन पर भड़के हुए हैं। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने आवेदन में धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 505 सार्वजनिक अपमानित करने वाले बयान) और आईपीसी की धारा 511 के तहत केस दर्ज कराया। कांग्रेस ने मांग की है कि स्वामी अपने बयान के लिए माफी मांगें।
शिकायतकर्ताओं ने अपने परिवाद में कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ स्वामी द्वारा की गई टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और यह कृत्य मानहानि के रूप में माना जाना चाहिए। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और विधि, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के अध्यक्ष सुशील शर्मा की ओर से जयपुर की एसीजेएम अदालत नं. 12 मेट्रो सिटी में स्वामी के खिलाफ सोमवार को अपराधिक परिवाद दायर कराया गया। शर्मा ने अपने परिवाद में सीआरपीसी की धारा 357 (3) के तहत एक करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की है।
कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश
शर्मा ने कहा कि डॉ. सुब्रमण्यन स्वामी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छवि को खराब कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए पांच जुलाई को जानबूझकर राहुल गांधी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की। स्वामी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इसी तरह के परिवाद बांरा और बूंदी के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालतों में शनिवार को और टोंक के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सोमवार को दायर किए गए।
-एजेंसियां



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