बनारस को फिल्मसिटी की जरुरत है

Updated 16 Aug 2019

वाराणसी।  फिल्म निर्देशकों की पहली पसंद होती है “काशी”, इसी शहर में कई हिट फिल्मोंं का फिल्मांकन किया गया हैं। यहाँ तक की भारतीय सिनेमा के पिता कहे जानेवाले ‘दादासाहेब फाल्के’ ने भी अपनी फिल्म बनारस के हरिश्चंद्र घाट पर फिल्माई थी। जब इतने कलाओं से परिपक्व है और हमारे प्रधानमंत्री जी का संसदीय छेत्र हैं ये शहर तो यहाँ फिल्मसिटी क्यों नहीं है?
हाल ही में वाराणसी के युवा फिल्म निर्देशक “राणा अंशुमान सिंह” और निर्माता “शशि प्रकाश चंदन” की बनाई शार्ट-फिल्म ‘दादासाहेब अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्ट – 2020’ के लिए चयनित हुई है। फिलहाल टीम एक ‘एजुकेशनल टूर’ के माध्यम से शहर के स्कूलों में इस शार्ट-फिल्म का प्रदर्शन कर रही हैं। 8 अगस्त को इसकी शुरुआत उदय प्रताप पब्लिक स्कूल से की गई।
फिल्म प्रदर्शन के बाद निर्देशक राणा अंशुमान सिंह ने मुहीम ‘अपनी इंडस्ट्री अपना सिनेमा’ के बारे में विद्यार्थियों एवं शिक्ष्कों को बताया। उन्होंने बताया कि “अपनी इंडस्ट्री अपना सिनेमा” वाराणसी के ही एक मशहूर फ़िल्मकार ‘उज्जवल पांडेय’ की मुहीम हैं जिसका मकसद है वाराणसी में एक फिल्मसिटी के निर्माण पर ज़ोर डालना और अपनी एक फिल्म इंडस्ट्री का निर्माण करना है।
इसी के साथ उन्होंने फिल्मसिटी से होने वाले लाभ और  स्थानीय लोगोंं को मिलने वाले रोजगार की बात भी साझा की। सभी विद्यार्थियों ने मन से ये फिल्म देखी और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इस फिल्म प्रदर्शन के दौरान अंतरराष्ट्रीय पुरुस्कृत नाट्य संस्थान  “मंचदूतम” के अध्यक्ष ‘अजय रोशन’ भी अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।



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