मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान गिरिराज जी की दंडवती परिक्रमा प्रतिबंधित

Updated 10 Jul 2019

मथुरा। मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान गिरिराज महाराज की दंडवती परिक्रमा जिला प्रशासन ने प्रतिबंधित कर दी है। भीड़ के दबाव को देखते हुए भक्तों की सुरक्षा के दृष्टिगत यह फैसला लिया गया है।
 
गोवर्धन का मुड़िया पूर्णिमा मेला इस बार 12 जुलाई से शुरू हो रहा है। 11 जुलाई की रात से गिरिराज के भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इस पांच दिवसीय मेला के दौरान 16 जुलाई तक करीब 80 लाख लोगों के गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने का प्रशासनिक अनुमान है।
 
इस दौरान भीड़ को देखते हुए दंडवती परिक्रमा को प्रतिबंधित कर दिया है। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने कहा है कि दंडवती परिक्रमा वर्ष भर अनवरत लगाई जाती है। बड़ी संख्या में गिरिराज महाराज के भक्त यहां दंडवती परिक्रमा करने आते हैं।
 
इसे देखते हुए मेला अवधि में दंडवती परिक्रमा को प्रतिबंधित किया गया है। डीएम ने गिरिराज महाराज के भक्तों से शांतिपूर्वक और भक्तिभाव के साथ परिक्रमा की अपील की है। बताया जा रहा है कि भीड़ के चलते एक-दो बार पहले भी दंडवती परिक्रमा पर रोक लगाई गई थी।
 
दंडवती करने का महत्व खड़ी परिक्रमा करने के बराबर
 
मुड़िया पूर्णिमा पर गिरिराज जी की जमीन पर लेटकर दंडवती करने का महत्व खड़ी परिक्रमा करने के बराबर माना जाता है।
मुड़िया पूर्णिमा से पहले ही मंदिरों में प्रात:काल गिरिराज जी महाराज का दूध से अभिषेक व शाम को श्रृंगार के साथ राज भोग फिर आकर्षक फूल बंगला व छप्पन भोग के दर्शन आकर्षण का केन्द्र बने हुए है।
 
तलहटी के प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर, दसविसा के मुकुट मुखारविंद मंदिर, बड़ा बाजार के लक्ष्मीनारायण मंदिर, चकलेश्वर के प्राचीन सनातन गोस्वामी मंदिर, राधा-श्याम सुंदर मंदिर, नूतन मंदिर, नंदभवन, इमली तला आश्रम, तीन कोड़ी आश्रम, कनक भवन, श्री लक्ष्मी वैंकटेश मंदिर, श्रीराधा दामोदर आश्रम, कलाधारी आश्रम, भागवत दास आश्रम, निर्मोही अखाड़ा सीताराम मंदिर, निर्वाणी अखाड़ा सब्जी मंडी स्थित लक्ष्मण जी मंदिर आदि में धार्मिक आयोजनों की धूम मची है।
 
-एजेंसी



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