वित्त मंत्री का संकेत, कोरोना से कराह रही इकॉनमी को पैकेज का बूस्टर जल्‍द

Updated 25 Mar 2020

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस से जूझ रही इकॉनमी को आर्थिक पैकेज का बूस्टर मिलने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके संकेत दिए हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज तैयार करने का काम चल रहा है और बहुत जल्द इसका ऐलान कर दिया जाएगा। फिलहाल सरकार की तरफ से उद्योग जगत और आम जनता के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। भारत में पीड़ित मरीजों की संख्या 500 पार कर चुकी है और 9 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें
– अगले तीन महीने (30 जून 2020) तक के लिए डेबिट कार्ड से किसी भी बैंक के एटीएम से पैसा निकालना फ्री हो गया है।
-मिनिमम बैलेंस रिक्वायरमेंट फीस माफ कर दी गई है। मतलब MAB जरूरी नहीं रह गया है। (30 जून 2020 तक)
– डिजिटल ट्रेड के लिए बैंक चार्जेज को घटाया गया है। इसका मकसद डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना है।
-नई कंपनियों को डिक्लेरेशन के लिए 6 महीने का और वक्त मिला है।
– कंपनियों को जबरन इन्सॉल्वेंसी में जाने से बचाया जाएगा।
-सबका विश्वास स्कीम काफी सफल रही। इस स्कीम के तहत 30 जून तक पेमेंट किया जा सकता है। पहले इस स्कीम की आखिरी तारीख 31 मार्च थी। उसके बाद पेमेंट करने पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी।
– कॉर्पोरेट को राहत देते हुए यह कहा गया कि बोर्ड बैठक 60 दिनों के लिए टाला जा सकता है। यह राहत फिलहाल अगली दो तिमाही के लिए है।
-5 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी पर फिलहाल जुर्माना नहीं।
-टीडीएस पर ब्याज 18 पर्सेंट से घटाकर 9 पर्सेंट किया गया।
-30 जून 2020 तक 24 घंटे कस्टम क्लियरेंस की सुविधा मिलती रहेगी।
– मार्च, अप्रैल, मई के लिए जीएसटी रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है।
– विवाद से विश्वास स्कीम को भी अब 30 जून कर दिया गया है। 31 मार्च के बाद 30 जून तक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
– आधार पैन लिंक करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून 2020 तक कर दी गई है।
-वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस से जुड़े कार्यों में अब CSR का फंड दिया जा सकता है। यानी यह फंड अब कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को ट्वीट किया कि देश में कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए सरकार इसे आपदा घोषित करने का निर्णय ले चुकी है इसलिए यह साफ करना जरूरी है कि कोरोना से लड़ाई में खर्च हुए फंड को CSR एक्टिविटी के अंतर्गत माना जाएगा।
वित्त मंत्री ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही कोरोना वायरस से प्रभावित सेक्टरों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा, सेबी और रिजर्व बैंक की तरफ से कुछ राहत दी जा सकती है।
-एजेंसियां



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