सामाजिक दूरी के साथ पीएम मोदी की कैब‍िनेट मीट‍िंग, दूरी बनाकर बैठे मंत्रीगण

Updated 25 Mar 2020

नई द‍िल्ली। social distance जरूरी है, पीएम मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में इसका पालन किया और कैब‍िनेट के सदस्यों को दूरी बनाकर बैठाया गया। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए social distance को दुनिया में सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा है। दुनिया में इसका पालन देर से ही सही, लेकिन अब होने लगा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में इस पर जोर दिया। अब वे social distance का पालन भी कर रहे हैं। बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में यह दिखा भी। सभी केंद्रीय मंत्री एक मीटर की दूरी पर बैठे दिखे। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा अन्य मंत्री मौजूद थे।

सामाजिक दूरी से कोरोना का ग्राफ नीचे आएगा

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर देश को संबोधित किया और social distance पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एक संक्रमित व्यक्ति हफ्ते-दस दिन में सैकड़ों लोगों को संक्रमित कर सकता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईएमसीआर) ने भी कहा कि यह एक व्यक्ति से 4 लोगों तक फैल सकता है, फिर 4 से 16 और ऐसे ही आगे भी संक्रमण बढ़ सकता है।

इस आधार पर यह मानें कि हर दूसरे दिन एक आदमी 4 लोगों को संक्रमित कर रहा है तो अगले दिन इन चारों से 16 व्यक्ति संक्रमित हो जाएंगे। ऐसे ही चलता रहा तो एक संक्रमित व्यक्ति महज 15 दिन में 27 करोड़ लोगों को संक्रमित कर सकता है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संक्रमण को 62% कम कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के संबोधन के दौरान कोरोना का मतलब समझाकर सोशल डिस्टेंसिंग की ओर इशारा किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोरोना यानी को- कोई, रो- रोड पर, ना- ना निकले।

सोशल डिस्टेंसिंग से हारेगा कोरोना
प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि आज अगर किसी व्यक्ति में कोरोनावायरस पहुंचता है तो इसके लक्षण दिखने में कई-कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान वह जाने-अनजाने उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है जो उसके संपर्क में आता है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि इस बीमारी से संक्रमित एक व्यक्ति सैकड़ों लोगों को एक हफ्ते में संक्रमित कर सकता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि समाजिक दूरी बनाकर रखें।
– एजेंसी




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