15 अगस्त को श्रीनगर के लाल चौक पर फहराया जाएगा तिरंगा, अमित शाह भी रहेंगे मौजूद

Updated 13 Aug 2019

नई दिल्‍ली। केंद्रीय मंत्री अमित शाह इस बार जम्मू-कश्मीर में 73वां स्वतंत्रता दिवस मना सकते हैं।
खबरों के अनुसार 14 अगस्त की शाम को शाह श्रीनगर के लिए रवाना होने की योजना बना रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इस बार 15 अगस्त के मौके पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। इस मौके पर अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी इसका समर्थन किया है।
बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करके दोनों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया था। अगर केंद्रीय मंत्री अमित शाह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल चौक जाकर तिरंगा फहराते हैं तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का दूसरा ऐतिहासिक कदम होगा। श्रीनगर के बाद अमित शाह 16 और 17 अगस्त को लद्दाख के दौरे पर रहेंगे।
तब मोदी ने धमकियों के बावजूद फहराया था लाल चौक पर तिरंगा
रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र 15 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आंतरिक चर्चा कर रहा है। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल भी इस समय घाटी का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से धमकियां मिलने के बावजूद 26 जनवरी 1992 को तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी ( तब आरएसएस प्रचारक) श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने में सफल रहे थे।
नेहरू ने सबसे पहले फहराया था तिरंगा 
बता दें कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1948 में लाल लौक पर पहली बार तिरंगा फहराया था, तभी से इस जगह का महत्व और अधिक बढ़ गया था।
उधर एनसीपी नेता मजीद मेमन ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद श्रीनगर में तिरंगा फहराने के विचार का विरोध किया है। मेमन ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने कश्मीरियों पर अपना फैसला थोपा है, चाहे उन्हें पसंद हो या न हो।
उन्होंने कहा कि कश्मीरियों की बात को भी सुना जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अमित शाह को सबकुछ करने की इतनी जल्दी क्यों है?’
नीतीश ने किया समर्थन 
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने लाल चौक पर तिरंगा फहराए जाने के फैसले का समर्थन किया है। बता दें कि संसद में आर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध करने के बाद जेडीयू दो अलग धड़ों में बंट गई थी। पार्टी के कई नेता नीतीश कुमार के पक्ष से नाराज थे। इसके बाद नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने दो टूक कहा था कि अब यह कानून बन गया है और कानून पूरे देश में लागू होता है। ऐसे में हम सभी को इसका पालन करना चाहिए। सिंह ने कहा था कि अब इस मुद्दे पर हम सभी को केंद्र सरकार के साथ होना चाहिए।
-एजेंसियां



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