एनआईए ने आतंकवादी गतिविधियों पर अटैच किया आसिया अंद्राबी का घर

Updated 10 Jul 2019

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकवादियों का समर्थन करने वाले गुटों को एक और झटका लगा है। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने कश्‍मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी के घर को अटैच कर दिया है। एनआईए ने यह कार्यवाही एक केस के सिलसिले में गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत किया है। एनआईए ने बताया कि आसिया अंद्राबी के घर की तलाशी नहीं ली गई है।
एनआईए ने बताया कि आसिया अंद्राबी का यह घर आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता था और उसे गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत अटैच कर दिया गया है। इससे पहले एनआईए ने इस संबंध में एक मामला दर्ज किया था। बता दें कि अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख है। एनआईए के मुताबिक मुंबई हमले के गुनहगार आतंकी हाफिज सईद के साथ भी आसिया अंद्राबी के अच्छे रिश्ते हैं।
एनआईए ने पिछले साल आसिया के बारे में कई सनसनीखेज खुलासे किए थे। एनआईए ने आसिया के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों के पास से मिले मोबाइलों की जांच में पाया है कि वे लगातार पाकिस्तान के अपने आकाओं के संपर्क में थे और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि आरोपी आसिया अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नहीदा नसरीन साजिश कर भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थी।
‘आसिया पाकिस्तान के समर्थन में कैंपेन चला रही थी’ 
एनआईए ने कहा कि आसिया और उनके सहयोगी साइबरस्पेस पर पाकिस्तान के समर्थन में कैंपेन चला रहे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने कहा कि इनकी तरफ से आतंकियों को भी मदद दी जा रही थी। दुख्तरान-ए-मिल्लत की कुख्यात नेता आसिया अंद्राबी से मलेशिया में उसके बेटे की शिक्षा पर हुए खर्च के बारे में पूछताछ की गई तो पता चला कि यह खर्च जहूर वटाली उठाता था, जिसे आतंकवादी वित्त पोषण के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आसिया अंद्राबी के दो बेटे विदेश में पढ़ते हैं। उनका बेटा मुहम्मद बिन कासिम मलयेशिया और अहमद बिन कासिम ऑस्ट्रेलिया में पढ़ता है।
इसने दावा किया, ‘जांच में आसिया अंद्राबी ने स्वीकार किया कि उसे विदेशी स्रोतों से धन और चंदा मिलता रहा है और दुख्तरान-ए-मिल्लत घाटी में मुस्लिम महिलाओं द्वारा प्रदर्शन का आयोजन करता है।’ एनआईए वटाली को हवाला के मुख्य वाहकों में से एक बताता है, जो पाकिस्तान से फंड जुटाता है और प्राप्त करता है। एनआईए ने जमात-उद-दावा, दुखतारन-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जम्मू-कश्मीर के दूसरे अलगाववादी समूहों के खिलाफ फंड जुटाने को लेकर 20 मई 2017 को एक मामला दर्ज किया था।
-एजेंसियां



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