तेलंगाना: 48 हजार कर्मचारियों बर्खास्तगी को मजदूर यूनियन चुनौती देगी

Updated 07 Oct 2019

हैदराबाद। तेलंगाना राज्य पथ परिवहन निगम (TSRTC) के मजदूर संघों ने कहा है कि वे 48 हजार प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के राज्य सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।
मजदूर संघ के एक नेता ने सोमवार को कहा कि सरकारी की तरफ से जैसे-जैसे इनकी बर्खास्तगी या निलंबन के लिए कदम उठाया जाएगा, हम अदालत जाएंगे।
तेलंगाना मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ई अश्वत्थामा रेड्डी ने हालांकि स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को सरकार या निगम प्रबंधन की तरफ से अभी तक बर्खास्तगी या निलंबन का कोई नोटिस नहीं मिला है। रेड्डी ने बताया, ‘…देश में कानून है। हमें नियमों के मुताबिक नियुक्त किया गया है। वे हमें ऐसे ही नहीं हटा सकते।’ उन्होंने कहा, ‘यहां अदालतें हैं। अगर जरूरी हुआ तो हम अदालत जाएंगे।’
शुक्रवार रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कर्मचारी
रेड्डी का यह बयान राज्य सरकार द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल को ‘अवैध’ घोषित किए जाने और सरकार के साथ उनके विलय की मांग को खारिज किए जाने के एक दिन बाद आया है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रविवार को कहा था कि जो कर्मचारी सरकार द्वारा तय समयसीमा (शनिवार शाम छह बजे) तक काम पर नहीं लौटेंगे, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। हड़ताली कर्मचारी निगम के सरकार में विलय और विभिन्न पदों पर नियुक्ति समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
उधर, यूनियन के जोनल सेक्रटरी रागावुलु ने कहा कि हमने कानून के तहत हड़ताल का नोटिस दिया था। सीएम ने हड़ताल करने वाले करीब 48 हजार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। यह अन्‍याय है और नियमों के खिलाफ है। सीएम केसीआर ने हमें नौकरी नहीं दी थी और न ही उन्‍होंने टीएसआरटीसी का गठन किया था।
-एजेंसियां



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