करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले Goldman Sachs के वीपी ग‍िरफ्तार

Updated 11 Sep 2019

बंगलूरू। वैश्विक निवेश कंपनी Goldman Sachs के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले ऑनलाइन पोकर गेम खेल कर करोड़ों रुपये गवां दिए थे फ‍िर इस रकम को चुकाने के लिए उसने कंपनी के खातों से कथित तौर पर 38 करोड़ रुपये की ठगी की। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी झुनझुनवाला ने फर्म से कथित तौर पर 38 करोड़ रुपये की ठगी करने के जिसके बाद मंगलवार को उसे बंगलूरू पुलिस ने गिरफ्तार किया गया।

व्हाइटफील्ड के पुलिस उपायुक्त एम एन अनुचेथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि झुनझुनवाला ने कथित तौर पर कंपनी के अकाउंट से विदेश में एक निजी अकाउंट में 54 लाख डॉलर (38.8 करोड़ रुपये) ट्रांसफर किए थे। वह सोमवार से फरार था, जिसे आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
फरार है सहयोगी

पुलिस ने बताया कि झुनझुनवाला का सहयोगी वेंदात अभी भी फरार है। कंपनी के कानूनी प्रमुख अभिषेक परशीरा की शिकायत के आधार पर इन दोनों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी के अनुसार झुनझुनवाला ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए अपने तीन अधीनस्थों गौरव मिश्रा, अभिषेक यादव और सुजीत अप्पैया का इस्तेमाल किया था। उसने कथित तौर पर उन्हें प्रशिक्षण के बहाने अपने साथ ले लिया था। पुलिस उपायुक्त एमएन अनुचेत ने बताया कि झुनझुनवाला ने दूसरे फाइनेंशियल मैनेजर्स के अकाउंट में घुसपैठ की। इसके बाद उनके खातों से अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लिए थे। उन्होंने चार सितंबर को महज 10 मिनट में इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। कंपनी के इंटरनल मैकेनिज्म के कारण ये संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए। झुनझुनवाला ने दो किश्तों में 38 करोड़ रुपये की राशि इंडस्ट्रियल एंड कर्मिशयल बैंक ऑफ चाइना में हस्तांतरित कर दी।

प्राथमिकी में कहा गया है, अपने कंप्यूटर पर काम करते हुए, उन्होंने उन्हें किसी न किसी बहाने जैसे पानी लाने के बहाने उन्हें दूर भेज दिया और उनके सिस्टम पर लॉगिन कर लिया। कंपनी ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी गतिविधियों को पकड़ लिया। कंपनी ने पूरे मामले की आतंरिक जांच भी की। इस दौरान तीन अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।

पुलिस ने बताया कि वेदांत को धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए कंपनी से बर्खास्त किया जा चुका है। यह मामला आंतरिक लेखा परीक्षा के दौरान छह सितम्बर को प्रकाश में आया था।

पुलिस के मुताबिक, कंपनी ने शिकायत में कहा है कि झुनझुनवाला ऑनलाइन गेम में 47 लाख रुपये हार गए थे। इसके अलावा उन पर कुछ कर्ज भी था। इससे वह आर्थिक संकट की स्थिति में थे। पिछले महीने उन्होंने एक बैंक से लिए गए पर्सनल लोन को बढ़वाने की कोशिश भी की थी, लेकिन पिछली छह ईएमआई नहीं देने के कारण उनकी एप्लीकेशन खारिज कर दी गई थी।
– एजेंसी




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