गोबर और गोमूत्र उत्‍पादों के स्टार्टअप पर 60 फीसदी धनराशि सरकार देगी

Updated 10 Sep 2019

नई दिल्‍ली। आजकल गाय के गोबर और गोमूत्र से बने उत्पादों पर भी स्टार्टअप फोकस हो रहे हैं। सरकार भी इन उत्पादों को बढ़ावा दे रही है।
राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि डेयरी के साथ-साथ गाय के गोबर और गोमूत्र से बने उत्पाद बनाने वाले स्टार्टअप के लिए लोग शुरुआती निवेश की 60 फीसदी धनराशि सरकारी फंडिग से हासिल कर सकते हैं।
फरवरी में शुरू हुआ है कामधेनु आयोग
काउ बोर्ड के चेयरमैन वल्लभ कठेरिया ने बताया, ‘हम युवाओं को गाय पर आधारित उद्योग के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उनसे गाय के मुख्य उत्पाद दूध और घी ही नहीं बल्कि औषधीय और कृषि उद्देश्यों के लिए गोमूत्र और गाय का गोबर भी हासिल करेंगे।’
नरेंद्र मोदी सरकार ने इसी साल फरवरी में 500 करोड़ रुपये के शुरुआती धनराशि के साथ कामधेनु आयोग की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य इस तरह के नए बिजनस को रफ्तार देने का है।
गौशाला चलाने वालों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम
कठेरिया ने कहा, ‘गोमूत्र और गाय के गोबर का औद्योगीकरण लोगों को प्रोत्साहित करेगा कि वे ऐसी गायों को न छोड़ें जिन्होंने दूध देना बंद कर दिया है। हम काउ बाय प्रोडक्ट्स के औषधीय मूल्यों पर होने वाले रिसर्च को भी प्रोत्साहित करेंगे। बोर्ड ऐसे बाय प्रोडक्ट्स के लिए स्कॉलर्स और रिसर्चर्स को अपना प्रोजेक्ट दिखाने के लिए एक मंच भी देगा।’
उन्होंने आगे कहा, ‘जो लोग पहले से ही गौशाला चला रहे हैं, हम उनके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और स्किल डिवेलपमेंट कैंप का भी आयोजन करेंगे।’
बता दें बोर्ड चेयरमैन ने पहले ही काउ टूरिज्म सर्किट को बढ़ावा देने की योजना का ऐलान किया हुआ है।
-एजेंसियां



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